आत्महत्या
क्या है आत्म हत्या
आत्महत्या का सीधा मतलब जानबूझकर खुद को मारना या स्वयं की हत्या अपने ही द्वारा करना है आत्महत्या है यदि गहनता में जाए तो इसके पीछे आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के कई कारण या परेशानियां मजबूरियां रहती है जिससे वह ऐसा कदम उठाता है समान्यतः कोई भी व्यक्ति खुद को नुकसान नही पहुचाता पर कुछ कारण ऐसे रहते है।।
आत्म हत्या के कारण
आत्महत्या के वैसे तो कई तरह के कारण रहते है फिर भी हम जितना समझते है उस हिसाब से या हमारे आस पास में हुई आत्महत्या का कारण हमें पता होता है। आत्महत्या का संपन्नता और विपन्नता से कोई सरोकार नहीं है यक्ति को कुछ मानसिक प्रॉब्लम है या अंदर ही अंदर कोई बात खाए जा रही हो उस स्थिति में भी यह कदम उठता कुछ ऐसी घटना ऐसी बाते जो उसके जीवन को झकझोर देती है किसी करीबी दिया धोखा या उसके द्वारा की बदनामी भी यह कदम उठाने
आत्माहत्या के कई कारण है जैसे 8
तनाव मानसिक रूप से ग्रस्त
डिप्रेशन जीवन मे हुई बुरी बातों से उसे लगता है कि जिंदगी नही जीना चाइए।
डिस्ट्रेट बच्चो को करियर बनाने के लिए तनाव डालना।
आत्माहत्या के कई कारण है जैसे 8
तनाव मानसिक रूप से ग्रस्त
डिप्रेशन जीवन मे हुई बुरी बातों से उसे लगता है कि जिंदगी नही जीना चाइए।
डिस्ट्रेट बच्चो को करियर बनाने के लिए तनाव डालना।
आत्महत्या सही है या ग़लत
पहली बात तो यह है कि आत्महत्या शब्द ही गलत है शरीर नष्ट होता है आत्मा नही सनातन धर्म के अनुसार रही बात शरीर के तो दूसरे जीवो को मारने पर भी दोष लगता है सजा का प्रावधान है तो स्वयं के जीवन को नष्ट करना भी बहुत बड़ा अपराध है। यह अनमोल मनुष्य जीवन बारबार प्राप्त नही होता जो भी कर्म बनने हे अच्छे बुरे वह इसी मनुष्य शरीर से बनते है फिर हम इस अनमोल जीवन को नष्ट क्यो करे वैसे इसी जीवन को ईश्वर की सत्य साधना में लगाए तो भक्ति लाभ तो मिलेगा ही साथ मे हम आत्मा शरीर दोनो से प्रबल हो जाएंगे जिससे मनुष्य आत्म हत्या के बारे में सोच भी नही सकता आत्मा हत्या के जितने भी कारण रहे है वह सांसारिकता से जुड़े हम सांसारिकता को महत्व देने के बजाए ईश्वर को महत्व दे।।
आध्यात्मिक जानकारी के लिए रोज देखे साधना tv शाम 7:30 से 8:30 जिसमे इस मनुष्य देह का वास्तविक उद्देश्य बताया जाएगा।।



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