क्या है नवरात्रि पूजन
यह हिन्दुओ का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है जिसे वे हर वर्ष बड़े हर्ष उल्लास के साथ 10 दिन तक मानते है।
यह देश के कोने कोने में मनाया जाता है।
इन दिनों में देवी दुर्गा की पूजा अर्चना होती है। और कई लोग इन दिनों में उपवास भी रखते हैं।
व कुछ लोग कलश स्थापना करते है । सामान्य भाषा में इसे नोराते कहते है जिसमे 9 दिन तक विभिन्न देवियो की पूजा होती है।
देवी दुर्गा के विभिन्न रूप जैसे शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चन्द्रघण्टा आदि की पूजा अर्चना होती है।
अंतिम 10 दिन में मा दुर्गा की विदाई और मूर्ति विसर्जन होगा।।
नवरात्रि क्यो मनाते है।
इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं है कुछ लोग देवी पुराण का हवाला देते है कुछ और। साल में नवरात्रे 4 बार होते है जिसमे साल में 2 बार मुख्य होते ही है।
साल के प्रथम मास चैत्र में पहली नवरात्र होती है, फिर चौथे माह आषाढ़ में दूसरी नवरात्र पड़ती है। इसके बाद अश्विन माह में में प्रमुख शारदीय नवरात्र होती है। साल के अंत में माघ माह में गुप्त नवरात्र होते हैं। इन सभी नवरात्रों का जिक्र देवी भागवत तथा अन्य धार्मिक ग्रंथों में भी किया गया है। हिंदी कैलेंडर के हिसाब से चैत्र माह से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है, और इसी दिन से नवरात्र भी शुरू होते हैं, लेकिन सर्वविदित है कि चारों में चैत्र और शारदीय नवरात्र प्रमुख माने जाते हैं। एक साल में यह दो नवरात्र मनाए जाने के पीछे की वजह भी अलग-अलग तरह की है।
देवी पुराण के अनुसार दुर्गा पूजा सही है या गलत
देवी भागवत पुराण के स्कंद 7, पृष्ठ 562 मे देवी द्वारा हिमालय राज को ज्ञान उपदेश मे दुर्गा जी स्वयं किसी और भगवान की पूजा करने की बात करती हैं।
अब यहां यह साफ तौर पर स्पष्ट है कि इन विद्वानों, संतो के जगदंबिका की पूजा अर्चना के बारे में वर्णित कथन को देवी दुर्गा के श्रीमद् देवी भागवत पुराण के स्कंद 7, पृष्ठ 562 मे कहे गये कथन गलत साबित करते है जहा देवी दुर्गा कहती हैं कि मेरी पूजा को भी त्याग दो और सब बातों को छोड़ दो, केवल ब्रह्म की साधना करो।
इससे ये प्रमाणित है कि सतयुग के "वृहत संतों" को भी परमेश्वर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी ।
और अधिक आद्यात्मिक जानकारी के लिए देखे साधना tv शाम 7:30 से 8:30 बजे तक।


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