पर्यावरण
सामान्यत पर्यावरण का अर्थ हमारे चारों और के आवरण से है। आवरण मलतब चारो और घिरा हुआ। इसके अंतगर्त समस्त रासायनिक भौतिक एव जैविक कारक समाविष्ट है।
पर्यावरण ही जीवन और जीवित रहने को तय करता है।
पर्यावरण का महत्व
हर जीव के लिए पर्यावरण महत्वपूर्ण है। पर्यावरण में वनस्पति हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। उन्ही के सहयोग से हम भी फलते-फूलते है। पर्यावरण में जल थल वायु अग्नि आकाश है
उसी से हमारा शरीर है। और अंत मे विलीन भी उन्ही में है।
पर्यावरण के नुकसान
पर्यावरण के नुकसान में सर्वप्रथम कारक मानव जनसंख्या बढ़ोतरी है और प्रकृति के खिलाफ उनका हस्तक्षेप है।
पृथ्वी पर मानव की अमानवीय गतिविधियां इसके नुकसान का प्रबल कारण है।
नुकसान के प्रमुख कारण।
जनवर्द्धि से वनस्पति दोहन शहरो का विस्तार फिर नदी नालों के पानी का अशुद्ध होना कृषि के लिए वनों की कटाई ऐसे बहुत से प्रबल कारण है पर्यावरण नुकसान के।
सामान्यत पर्यावरण का अर्थ हमारे चारों और के आवरण से है। आवरण मलतब चारो और घिरा हुआ। इसके अंतगर्त समस्त रासायनिक भौतिक एव जैविक कारक समाविष्ट है।
पर्यावरण ही जीवन और जीवित रहने को तय करता है।
पर्यावरण का महत्व
हर जीव के लिए पर्यावरण महत्वपूर्ण है। पर्यावरण में वनस्पति हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। उन्ही के सहयोग से हम भी फलते-फूलते है। पर्यावरण में जल थल वायु अग्नि आकाश है
उसी से हमारा शरीर है। और अंत मे विलीन भी उन्ही में है।
पर्यावरण के नुकसान
पर्यावरण के नुकसान में सर्वप्रथम कारक मानव जनसंख्या बढ़ोतरी है और प्रकृति के खिलाफ उनका हस्तक्षेप है।
पृथ्वी पर मानव की अमानवीय गतिविधियां इसके नुकसान का प्रबल कारण है।
नुकसान के प्रमुख कारण।
जनवर्द्धि से वनस्पति दोहन शहरो का विस्तार फिर नदी नालों के पानी का अशुद्ध होना कृषि के लिए वनों की कटाई ऐसे बहुत से प्रबल कारण है पर्यावरण नुकसान के।


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