Wednesday, May 6, 2020

मीठी बात का कड़वा लगना

।।सुविचार।। 

जिस दिन आप बुरे विचारों उसके ऊपर अच्छे विचारों को रख देंगे, आपकी जिंदगी खुद-ब-खुद बेहतरीन हो जाएगी।

प्रस्तुत कहानी में दो पात्र हैं, दो मकोड़े। एक चीनी के गोदाम में रहता था, दूसरा नमक के गोदाम में। एक दिन दोनों की मुलाकात हुई तो नमक वाले ने चीनी वाले को अपने गोदाम में रात्रिभोज के लिए निमंत्रित किया। रात हुई तो चीनी वाला बढ़िया से तैयार होकर, नमक के गोदाम में पहुँचा। नमक वाले ने उसके सामने नमक ईपरोसा। नमक जीभ पर रखते ही, थू थू थू थू करते हुए, चीनी वाले ने नमक थूक दिया। और कहा- हे भगवान! तूं इतनी कड़वी चीज खाता है? कल रात तूं मेरे गोदाम पर आना, मैं तुझे इस दुनिया की सब से स्वाद चीज चखाऊँगा। अगली रात नमक वाला चीनी के गोदाम में पहुँचा। चीनी वाले ने चीनी परोसी। नमक वाले ने चीनी का दाना मुँह में रखा, और उसने भी थू थू थू थू करते हुए, चीनी थूक दी। चीनी वाला बड़ा हैरान हुआ। पर वह सारी बात समझ गया कि जरूर यह अपने मुंह में नमक का दाना छिपाए है। इसीलिए इसे चीनी में स्वाद नहीं आया। वह बोला- मकोड़े भाई! मैं पानी लाता हूँ। तूं एकबार अच्छी तरह कुल्ला कर ले, फिर तुझे चीनी का असली स्वाद मालूम पड़ेगा। अपनी चाल पकड़ी जाने पर, नमक वाला मकोड़ा शर्मिंदा हो गया। उसने कुल्ला किया और फिर चीनी चखी। और तब उसकी प्रसन्नता का कोई ठिकाना न रहा।  
ठीक ऐसे ही कबीर साहेब कहते है कि मैं भी दुनियावालों को भगवान की मीठी बात सुनाता हूँ। सत्य से परिचित करवाता हूं। पर वे अपने मन में संसार भर की कड़वी बातें दबाए रखते हैं। इसीलिए उन्हें मेरी बात मीठी नहीं लगती, कड़वी लगती है। अगर वे मेरी बात सुनने से पहले, श्रद्धा के जल से, अच्छी तरह कुल्ला कर लें, अपने मन को खाली कर लें, तब उन्हें मेरी बात की असली  मिठास का अनुभव हो जाए। मेरे बच्चे मुझे पहचान ले और यहां से मुक्ति पा लें।

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